आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका, आशा, आशा संगिनी एवं मिड-डे मील वर्कर्स के अधिकारों को लेकर
भारतीय जनता मजदूर संघ (BJMS) द्वारा शुरू किया गया
राष्ट्रीय ज्ञापन पत्र आंदोलन
अब एक देशव्यापी जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
इस अभियान के अंतर्गत देश के विभिन्न राज्यों, जिलों एवं ब्लॉकों में—
📍 जिलाधिकारी / उपायुक्त कार्यालयों में
📍 ब्लॉक मुख्यालयों में
📍 प्रशासनिक कार्यालयों के समक्ष
आंगनबाड़ी, आशा एवं मिड-डे मील वर्कर्स तथा
भारतीय जनता मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने
शांतिपूर्ण एवं संगठित रूप से ज्ञापन सौंपे।
➡️ इन ज्ञापनों की प्रतिलिपि
माननीय प्रधानमंत्री जी
एवं
महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य तथा श्रम मंत्रालय
को भी प्रेषित की गई।
अख़बारों में प्रमुखता से प्रकाशित
इस राष्ट्रीय आंदोलन की खबरें—
✔ देश के प्रमुख हिंदी एवं क्षेत्रीय समाचार पत्रों
✔ जिला व राज्य स्तर के दैनिक समाचार पत्रों
में लगातार प्रकाशित हो रही हैं।
📌 इन्हीं अख़बारों की कटिंग
आज कई ब्लॉक कार्यालयों, जिला कार्यालयों और संगठन कार्यालयों में
सूचना व जागरूकता के लिए लगाई जा रही हैं,
ताकि हर आंगनबाड़ी वर्कर को अपने अधिकारों की जानकारी मिल सके।
🔴 आंदोलन की प्रमुख मांगें
✔ आंगनबाड़ी, आशा एवं मिड-डे मील वर्कर्स
वालंटियर नहीं, श्रमिक मानी जाएँ
✔ वर्तमान श्रमिक कानूनों के अनुरूप
मानदेय एवं सामाजिक सुरक्षा
✔ स्वास्थ्य बीमा, भविष्य सुरक्षा
एवं सम्मानजनक कार्य-परिस्थितियाँ
👩👧👦 27 लाख से अधिक महिला कार्यकर्ता
देश की लगभग 27 लाख महिला कार्यकर्ता
आज भी श्रमिक अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा की प्रतीक्षा में हैं।
यह आंदोलन—
✊ शांतिपूर्ण है
✊ संवैधानिक है
✊ और देशभर में फैल चुका है
📣 नेतृत्व और आह्वान
भारतीय जनता मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष
शांत प्रकाश जाटव के नेतृत्व में
यह आंदोलन पूरे देश में संचालित किया जा रहा है।
उनका स्पष्ट संदेश है—
“जब ब्लॉक कार्यालयों की दीवारों पर
आंगनबाड़ी वर्कर्स की खबरें लगने लगें,
तो समझिए बदलाव की शुरुआत हो चुकी है।”
🏳 एक ज्ञापन – एक आवाज़ – एक इतिहास
भारतीय जनता मजदूर संघ (BJMS)
श्रमिक हित में संकल्पबद्ध
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